चलो न ख़ाक़ छानें छुपी चिंगारियां चुनें सबको मिलाकर एक चराग़ बनाएंगे रात की छाती पर रख आयेंगे चराग़, जो सूरज का परचम लहराये चराग़, जो हवाओं में भी हरदम लहराये चराग़, जिसमें तूफ़ानो की दहशत न हो चराग़, जले, मगर जलाने की हसरत न हो चराग़, जो हरदम रास्ता दिखलाये चराग़, जो रौशनी की ख़ुशबू फैलाये चराग़, जो खोये हुए का सहारा बन जाए चराग़, सभी सिंदबादों का ध्रुव-तारा बन जाए चलो न दिल की बात मानें चलो न ख़ाक़ छानें...