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बयां -ए- जानां

वो जब बोलता है
तो बोलता है
कुछ ऐसे अंदाज़ में…

जैसे शबनम के
ढलकने का हो सलीका

हर लफ्ज़ लम्स हो
पहली कली का

जैसे कपास की
रूई उड़ी हो

लफ्ज़-लफ्ज़
बुलबुले की लड़ी हो ------ 1

वो जब बोलता है
तो बोलता है
कुछ ऐसे अंदाज़ में…

जैसे अगर
अल्फ़ाज़ टपक जाएं

तो उन पर
मक्खियां भिनभिनाएं

चाय में अगर
शक्कर कम हो

तो उसमें बस उसके
लफ्ज़ ही मिलाएं

डायबिटीज के मरीज़
ज़रा फासला से ही
उससे राब्ता बढ़ाएं ------- 2

वो जब बोलता है
तो बोलता है
कुछ ऐसे अंदाज़ में…

हर बार हौले से मानो
कुछ यूं कहता है

बात- बात पे
जैसे I LOVE YOU कहता है

ज़ख्मों की मरहम से
रफू करता है

चला भी जाए तो देर तक
मुझसे गुफ्तगू करता है

वो जब बोलता है
तो बोलता है
कुछ ऐसे अंदाज़ में… 3

Meaning:

शबनम – Dew  ढलकने – Drip  सलीका – Style  लम्स – Touch अल्फ़ाज़ – Words राब्ता – contact रफू – Patch 

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