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बिक रही है जो सरेबाजार किसी सामान की तरह
तमन्ना थी कोई समझे उसे भी कभी इंसान की तरह

मेरे ही माँ – बाप अब मेरे रिश्तेदार हो गए
जाता हूँ अब अपने ही घर किसी मेहमान की तरह

उसे याद करने से पहले करता हूँ *वुज़ू मैं
और नाम लेता हूँ ऐसे, जैसे पाक *अज़ान की तरह

इंसान है जब तक, उसका है इंसानों से *राब्ता
बन जाएगा पत्थर, बनाया जो भगवान की तरह

हालांकि कोई क़ीमत नहीं, पर वो बेशक़ीमती है
ख़रीद नहीं पाया कोई उसे, उसके ईमान की तरह

बारिश की दुआ मेरी, बन जाए न बददुआ कोई
कुम्हार की तरह सोचूं कि सोचूं किसान की तरह

इस तरह रहता हूँ इस शहर में ऐ फ़क़ीर!
मुसलमां में हिन्दू, हिन्दुओं में मुसलमान की तरह

*वुज़ू - Pious ritual *अज़ान - Prayer *राब्ता - Relation

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मदारी

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