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तुम जीते और मैं हारा, चलो क़िस्सा खत्म करें
क्या टूटा दिल बस हमारा, चलो क़िस्सा खत्म करें

तुम तौलते हो इंसान की औक़ात दौलत मैं,
और ईमां है पैमां हमारा, चलो क़िस्सा खत्म करें

मिलाने को तो यूं मिलते हैं ज़मीन-ओ- आसमां भी
बस किनारे को न मिला किनारा, चलो क़िस्सा खत्म करें

माना कि हूँ कमज़ोर, गिरेबां पकड़ती है दुनिया मेरी
तुम्हारे क़दमों में है जग सारा, चलो क़िस्सा खत्म करें

तुम्हारी बददुआ क्यूँ हुई बेअसर हमसे पूछो,
मरके कोई मरता है दोबारा, चलो क़िस्सा खत्म करें

चल ऐ दिल कि चलें आवाज़ के सरहदों से दूर हम
मुड़के न देख किसने पुकारा, चलो क़िस्सा खत्म करें

ख्वाहिश है कि पूरी हो बस तुम्हारी ख्वाहिश
फ़क़ीर बन जाएगा टूटा तारा, चलो क़िस्सा खत्म करें

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